Best Herbal Seed Kalonji for Fat Reduction
कलौंजी के स्वास्थ्य लाभ और औषधीय गुण
कलौंजी (Kalonji) को कई नामों से जाना जाता है अंग्रेजी में स्माल फनेल, कालाजाजी, हिन्दी में कलौंजी, मंगरैला (Mangraila), बंगाली में मुगरेला, गुजराती में कलौंजी, इसे ब्लैक आॉनियन सीड्स (Black Onion Seeds) या nigella seeds भी कहा जाता है लेकिन यह प्याज के बीज नहीं होते. इन बीजों का स्वाद हल्का कड़वा और तीखा होता है और ये सुगंध से भरे होते हैं. कलौंजी (Kalonji) रनुनकुलेसी परिवार का पौधा है.
कलौंजी में उपस्थित पोषक तत्व
कलौंजी पौषक तत्वों से भरा होता है इसमें वसा, प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट प्रचुर मात्रा में होते हैं. इसके साथ ही इसमें कैल्शियम, पोटेशियम, लोहा, मैग्नीशियम व जिंक आदि खनिज तत्व पाए जाते हैं. कलौंजी में एंटी-आक्सीडेंट भी मौजूद होता है जो कैंसर जैसी बिमारी से बचाती है.
कलौंजी का उपयोगी तेल
कलौंजी का तेल शारीरिक क्षमता को बढ़ाता है तथा शरीर को रोगों से बचाता है. कलौंजी का तेल कफ को नष्ट करता है एवं रक्त को साफ करता है. कलौंजी के चूर्ण को नारियल के तेल में मिलाकर त्वचा पर मालिश करने से त्वचा के विकार नष्ट होते हैं और त्वचा निखरती है. इस तेल के सेवन से पेट साफ रहता है एवं जोडों के दर्द, सिर दर्द, कमर दर्द आदि में कलौंजी के तेल की मालिश करने से आराम मिलता है.
कलौंजी के औषधीय उपयोग
कलौंजी का सेवन स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है. कलौंजी का भोजन में उपयोग करने से हाजमा दुरुस्त रहता है. इसके सेवन से पेट साफ रहता है. पेट में कृमि होने पर कलौंजी का शहद के साथ नियमित रुप से सेवन करना लाभदायक होता है. हाथों और पैरों मे सूजन होने पर कलौंजी को पीसकर उसका लेप करने से हाथ-पैरों की सूजन दूर होती है. मानसिक तनाव होने पर चाय के पानी में एक चम्मच कलौंजी का तेल डाल कर लेने से तनाव से राहत मिलती है. कलौंजी दिमाग को तेज करती है और स्मरण शक्ति को बढ़ाती है.
कलौंजी का भोजन में उपयोग
कलौंजी एक बेहद उपयोगी मसाला है. इसका प्रयोग विभिन्न व्यंजनों जैसे दालों, सब्जियों, नान, ब्रेड, केक और आचार आदि में किया जाता है. कलौंजी की सब्जी भी बनाई जाती है. बिहारी लिट्टी में भी कलोंजी का प्रयोग किया जाता है. आकार में यह तिल के बीज की तरह होते हैं.
Benefits
1 – एक गिलास गर्म पानी लें उतना गर्म जितना आप पी सकें। एक नींबू का रस डालें और पी जाएं। इसके बाद आधा गिलास गर्म पानी लें और तीन से 5 ग्राम कलोंजी के बीज लेकर उसे पानी से निगल जाएं और फिर ऊपर से एक छोटा चम्मच शहद पी लें। यह खाली पेट करना है।
2 – पांच से छह बीज लें और उन्हें कूटकर पाउडर बना लें। इसे एक गिलास गर्म पानी में डालें। उसमें एक नींबू निचोड़ लें और एक चम्मच शहद भी मिला लें। बस पी जाएं। जिन लोगों को नींबू से कोई दिक्कत है वो नींबू का इस्तेमाल किए बिना इसे पी सकते हैं। यह खाली पेट करना है।
इंडोनेशियन जरनल आफ इंटरनल मैडिसिन में छपी एक स्टडी के मुताबिक, कलोंजी खासतौर पर पेट पर जमा चर्बी को कम करने का काम करती है। अध्ययन के मुताबिक, वजन कम करने में लगे जिन पुरुषों को कलोंजी के बीज दिए गए उन्होंने महज एक सप्ताह में चर्बी कम कर ली। उनका ब्लड प्रेशर कंट्रोल में आ गया और कमर का घेरा कम हो गया।
यह बात काबिलेगौर है कि कोई बीज खासतौर पर पेट के फैट को टारगेट करता है क्योंकि वेट लॉस का एक सच ये भी है कि वेट हमेशा पूरी बॉडी से जाता है, ये बात अलग है कि कहीं से ज्यादा या कहीं से कम। इसीलिए कहा जाता है कि स्पॉट फैट रिडक्शन एक छलावा है कि क्योंकि आपकी बॉडी आपको यह करने ही नहीं देगी कि आप किसी एक पार्ट का फैट कम कर लें और बाकी का वैसा ही रहे। हालांकि इस बीज में वो काबलियत है।
3 बालों को झड़ने से रोके अनहेल्दी लाइफस्टाइल, स्ट्रेस जैसी कई समस्याओं से महिला हो या पुरुष, दोनों के ही साथ बालों के गिरने की समस्या आम हो चुकी है। इसके लिए तमाम तरह के ट्रीटमेंट कराने पर भी फायदा नहीं होता। लेकिन घर में मौजूद कलौंजी इस समस्या के निपटारे में बहुत ही कारगर उपाय है। सिर पर 20 मिनट तक नींबू के रस से मसाज करें और फिर किसी अच्छे हर्बल शैम्पू से धो लें। इसके बाद कलौंजी का तेल बालों में लगाकर उसे अच्छे से सूखने दें। लगातार 15 दिनों तक इसका इस्तेमाल बालों के गिरने की समस्या को दूर करता है।
कलौंजी ऑयल, ऑलिव ऑयल और मेहंदी पाउडर को मिलाकर हल्का गर्म करें। ठंडा होने दें और हफ्ते में एक बार इसका इस्तेमाल करें। इससे गंजेपन की समस्या भी दूर होती है।
Other benefits : वजन कम करता है, डायबिटीज से बचाता है, पिंपल की समस्या दूर, मेमोरी पावर बढ़ाता है, सिरदर्द करे दूर, अस्थमा का इलाज, जोड़ों के दर्द में आराम, आंखों की रोशनी, कैंसर से बचाव, ब्लड प्रेशर करे कंट्रोल।
इस जरूरी बात को ध्यान में रखें
यह बीज बहुत पावर फुल होता है, मगर आप ये न सोचें कि दिन भर इसके बीज खाते पीते रहेंगे तो बहुत तेजी से वेट कम हो जाएगा। दो चम्मच पाउडर से ज्यादा न लें। अगर गिनती के हिसाब से ले रहे हैं तो 8 बीज से ज्यादा न लें। हां पेट में कैमिकल नहीं बनता तो फिर थोड़ा सा और ऊपर जा सकते हैं। आयुर्वेद के मुताबिक, इस बीज को ज्यादा खाने से पित्त दोष बढ़ता है।
