Thursday, 14 April 2016

यह पोस्ट जो दिल को छू गई है......


रेलवे स्टेशन पर चाय बेचने वाले लड़के की नजरें अचानक एक बुजुर्ग दंपति पर पड़ी।
उसने देखा कि वो बुजुर्ग पति अपनी पत्नी का हाथ पकड़कर उसे सहारा देते हुए चल रहा था ।

थोड़ी दूर जाकर वो दंपति एक खाली जगह देखकर बैठ गए ।
कपड़ो के पहनावे से वो गरीब ही लग रहे थे ।

तभी ट्रेन के आने के संकेत हुए और वो चाय वाला अपने काम में लग गया।
शाम में जब वो चाय वाला वापिस स्टेशन पर आया तो देखाकि वो बुजुर्ग दंपति अभी भी उसी जगह बैठे हुए है ।

वो उन्हें देखकर कुछ सोच में पड़ गया ।
देर रात तक जब चाय वाले ने उन बुजुर्ग दंपति को उसी जगह पर देखा तो वो उनके पास गया और उनसे पूछने लगा: बाबा आप सुबह से यहाँ क्या कर रहे है ?
आपको जाना कहाँ है ?

बुजुर्ग पति ने अपना जेब से कागज का एक टुकड़ा निकालकर चाय वाले को दिया और कहा: बेटा हम दोनों में से किसी को पढ़ना नहीं आता,इस कागज में मेरे बड़े बेटे का पता लिखा हुआ है ।
मेरे छोटे बेटे ने कहा था कि अगर भैया आपको लेने ना आ पाये तो किसी को भी ये पता बता देना, आपको सही जगह पहुँचा देगा ।

चाय वाले ने उत्सुकतावश जब वो कागज खोला तो उसके होश उड़ गये । उसकी आँखों से एकाएक आंसूओं की धारा बहने लगी ।

उस कागज में लिखा था कि.........
"कृपया इन दोनों को आपके शहर के किसी वृध्दाश्रम में
भर्ती करा दीजिए, बहुत बहुत मेहरबानी होगी..."
दोस्तों !  धिक्कार है ऐसी संतान पर, इसके बजाय तो बाँझ रह जाना अच्छा होता है !
इसको इतना शेयर करो कि कोई भी माता पिता को वर्द्धाआश्रम में न भर्ती कराये .....

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