Sunday, 14 February 2016

ठंड में खायें बाजरा


दिन में गर्मी, रात में ठंडी, सर्द हवायें... ये है आजकल के मौसम की पहचान। ये मौसम सर्दी के जाने के वक्त मतलब खत्म होने के वक्त अधिक होता है। सर्दी के खत्म होने क दौरान ठंडक का एहसास सर्दी से अधिक होता है। इस मौसम को पतझड़ और बसंत का मौसम कहा जाता है जब त्वचा सर्दी की तुलना में अब अधिक ड्राई होती है। यह मौसम लोगों का पसंदीदा मौसम होता है जिस कारण कई लोग इस मौसम का मजा लेने के दौरान बीमार भी पड़ जाते हैं। 

दरअसल होता ये है कि मौसम बदलने के दौरान शरीर की बायोलॉजिकल क्लॉक मौसम के साथ कई बार संतुलन नहीं बैठा पाती और शरीर बीमार पड़ जाता है। इस मौसम में ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए जो शरीर के बायोलॉजिकल क्लॉक और बदलते मौसम के बीच में संतुलन बना पाए। इस मौसम में ऐसा खाना खाना चाहिए जो ताजा, ऑर्गेनिक, पचने में आसान, शुद्ध और पौष्टिक हो। इसके लिए हमें गर्म पदार्थ को अपने खाने में शामिल करने की जरुरत होती है, जो हमारे भूख को शांत करने में मददगार हो। गर्म पदार्थ में बाजरा और रागी शामिल है जो गर्म भी होता है और आसानी से भी पच जाता है।

बाजरा के स्वास्थ्य लाभ

बाजरे की रोटी और सरसों का साग सर्दी में लोग खूब चाव से खाते हैं। सर्दी की मौसम में इसकी रोटी या खिचड़ी जरुर खानी चाहिये। बाजरा में मैग्नीशियम, कैल्शियम, मैग्नीज, ट्रिप्टोफेन, फास्फोरस, फाइबर (रेशा), विटामिन—बी और एण्टीआक्सीडेण्ट होते हैं जो शरीर के लिए काफी जरूरी होते हैं। साथ ही बाजरा बहुत ही गर्म अनाज है जो ठंड में शरीर को गर्म रखने में मदद करता है। साथ ही ये हमारी हड्डियों को मजबूती प्रदान करता है।
  • यह आसानी से पच जाता है।
  • शरीर व मस्तिष्क को स्वस्थ रखता है।
  • हार्ट अटैक एवं सिर दर्द से बचाता है।
  • इसमें मौजूद नियासिन (विटामिन बी 3) कोलेस्ट्राल की मात्रा को कम करता है।
  • फास्फोरस से ऊर्जा पैदा होता है जो वसा को पाचने और ऊतकों की मरम्मत करता है।
  • मधुमेह (टाइप 2) के खतरे को कम करता है।
  • बाजरे में पाया जाने वाला फाइबर, कैंसर (मुख्यतया स्तन कैंसर) के खतरे को कम करता है।

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