Wednesday, 17 February 2016

घर के इस हिस्से को बनवाते समय आजमाएं वास्तु के ये उपाय

घर में स्नानकक्ष (बाथरूम) अपना एक महत्वपूर्ण योगदान रखता है। जब भी आप थके होते हैं तो यहां नहाने के बाद तरोताजा हो जाते हैं। स्नानकक्ष में ध्यान देने वाली बात है तो यहां का वास्तु।
यदि आप घर बनाते समय स्नान कक्ष को वास्तु शास्त्र के टिप्स आजमाकर निर्मित करें या फिर आप पहले से निर्मित घर के स्नान कक्ष में वास्तु टिप्स आजमाएं तो आपके लिए यह तरोताजा रखने के साथ सुख समृद्धि में भी बढ़ोत्तरी होती है।

  • बाथरूम में गहरे रंग की टाइल्स न लगाएं। हमेशा हल्के रंग की टाइल्स का उपयोग करें।
  • यदि आपके बाथरूम में दर्पण लगा हुआ है तो दर्पण दरवाजे के ठीक सामने न हो। जब-जब बाथरूम का दरवाजा खुलता है, तब-तब घर की नकारात्मक ऊर्जा बाथरूम में प्रवेश करती है।
  • गीजर आदि विद्युत उपकरण अग्नि से संबंधित हैं, अत: इन्हें बाथरूम के आग्नेय कोण (दक्षिण-पूर्व दिशा) में लगाएं।
  • बाथरूम में एक बड़ी खिड़की व एक्जॉस्ट फैन के लिए अलग से रोशनदान होना चाहिए।
  • बाथरूम और कमरे के फर्श के बीच में कुछ दूरी अवश्य हो। बाथरूम और कमरे के फर्श के बीच दूरी बनाने के लिए थोड़ी ऊंची दहलीज बनाई जा सकती है।
  • बाथरूम का दरवाजा बेडरूम में खुलता हो तो उसे खुला रखने से बचना चाहिए। वैसे तो बेडरूम में बाथरूम नहीं होना चाहिए, लेकिन बेडरूम में बाथरूम है तो उसके दरवाजे पर पर्दा भी लगाना चाहिए।
  • बाथरूम में पानी का बहाव उत्तर दिशा की ओर रखना चाहिए।
  • घर में बाथरूम का नल या किसी अन्य स्थान का नल लगातार टपकते रहता है तो यह बात छोटी नहीं है, वास्तु में इसे गंभीर दोष माना गया है।
  • घर के मु्ख्य द्वार पर पेड़-पौधे लगवाएं।
  • घर में जूते-चप्पल रखने का रैक बनवाएं और उसे हमेशा पश्चिम की ओर ही रखें।
  • घर के सामने साइकिल, स्कूटर, बाइक, स्कूटी रखने की जगह बिल्कुल भी न बनबाएं।
  • घर के मुख्य द्वार पर कभी भी कोई भारी चीज न लटकाएं। इससे काम में रुकावट आती है।
  • घर में साफ सफाई, कलर, पॉलिश आदि सब ठीक से रखें। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है।
  • घर की खिड़कियों एवं दरवाजों पर पर्दे खिले हुए रंगों वाले लगाएं। आप यहां गुलाबी, हल्का नीला, हरा आदि सकारात्मक रंगों का उपयोग कर सकते हैं।
  • घर में कभी भी एक सीध में दरवाजे नहीं होने चाहिए। यदि ऐसा करना मजबूरी हो तो बीच में दरवाजे पर पवन घंटी( म्युजिकल बैल या स्फटिक बॉल) आदि लटका दें। इससे प्रभाव शुभ होता है।
  • घर में खिड़कियां सम संख्या में होनी चाहिए। सम संख्या यानी 4,6,8,12,16,18 आदि। लेकिन ध्यान रखें सम संख्या में शून्य नहीं आना चाहिए। जैसे 10, 20, 30, 40।

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