Thursday, 18 February 2016

घर से नकारात्मक ऊर्जा को दूर भगाने के वास्तु टिप्स
Remove Negative Energy from Home vastu tips


घर चाहे अपना खुद का हो या किराये का। चार दीवारों से भी एक रिश्ता बन ही जाता है। क्योंकि यह वो जगह होती है, जहां हम एक दूसरे के साथ रहते हैं, एक दूसरे को समझते हैं, झगड़ा करते हैं, और जीवन के सभी उतार-चढ़ाव का सामना साथ मिलकर करते हैं। कोई भी यह कभी नहीं चाहेगा कि किसी भी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा उसके घर में प्रवेश करे। लेकिन जाने-अंजाने में हम कुछ ऐसा कर जाते हैं, कि नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश घर में होने लगता है। निगेटिव एनर्जी यानी नकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश नहीं करे, इसके लिये हम आपको बताने जा रहे हैं टिप्स। इन्हें फॉलो करके आप अपने घर को सुख, समृद्धि से भर सकते हैं। लेकिन उससे पहले हम आपको बताना चाहेंगे कि निगेटिव एनर्जी की वजह से क्या-क्या प्रभाव पड़ते हैं। 
कुछ प्रभाव इस प्रकार हैं- 

  1. घर में सबसे ज्यादा समय बिताने वाले शख्स को गुस्सा बहुत आता है। 
  2. नकारात्मक ऊर्जा के कारण घर में कोई न कोई बीमार रहने लगता है। 
  3. आपको ठीक से नींद नहीं आती है, जिसका असर परफॉर्मेंस पर पड़ता है। 
  4. नकारात्मक ऊर्जा के कारण घर में सफाई कम, गंदगी ज्यादा रहती है। 
  5. घर में कोई न कोई उपकरण, खराब रहता ही है। 
  6. बच्चों की पढ़ाई ठीक से नहीं हो पाती, उनका मन पढ़ाई में नहीं लगता है। 
  7. घर में रहने वालों के बीच रिश्ते अच्छे नहीं रहते हैं। 
  8. घर में लड़ाई झगड़ा होता है।

घर से नकारात्मक ऊर्जा को दूर भगाने के वास्तु टिप्स

घर के बाहर नेमप्लेट लगाने के पीछे एक विज्ञान छिपा है। इससे घर के अंदर प्रवेश करने वाली सकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव घर के मालिक के जीवन पर पड़ता है। उसे अच्छे अवसर प्राप्त होते हैं। नेमप्लेट, जितनी साफ और चमकदार होगी, नकारात्मक ऊर्जा उतनी दूर रहेगी। जिस घर की नेमप्लेट गंदी रहती है, वहां नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश करती है।

हर रोज शाम को अगर साफ-सफाई करने के बाद अगर घर के बाहर दीया जलाते हैं तो नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश नहीं होता और बुरी आत्माएं दूर रहती हैं।

घर में हर रोज नियम से मंत्रोच्चारण करें। अगर आपके पास समय नहीं है, तो आप म्यूजिक सिस्टम पर भी मंत्र को चला सकते हैं। ऐसा करने से घर के हर सदस्य का मन शांत रहता है। और घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है।

अगर घर के किसी कोने में अंधेरा रहता है, तो वहां हर हफ्ते नियमित रूप से गंगा जल डालें। हो सके तो रौशनी करने के लिये लाइट की व्यवस्था करें। इससे नकारात्मक ऊर्जा वहां रुकेगी नहीं।

तमाम लोग रसोईघर में रखे फ्रिज में दवाएं रख देते हैं। ऐसा नहीं करना चाहिये। इससे बीमारियां घर में आती हैं। रसोई स्वास्थ्य और खुशी का प्रतीक है, जबकि दवाएं बीमारी और गम का प्रतीक हैं।
घर का किचन यानी रसोई साउथ-ईस्ट में होनी चाहिये। अगर संभव नहीं है तो नॉर्थ-वेस्ट दूसरा सबसे अच्छज्ञ विकल्प है। गैस को ईस्ट या साउथ-ईस्ट दिशा में रखें।
घर के मास्टर बेडरूम में शीशा नहीं होना चाहिये। यदि आपके बेडरूम में ड्रेसिंग टेबल या अलमारी पर शीशा लगा है, तो सोते वक्त उस पर पर्दा डाल दें। शीशा बिस्तर से दूर होना चाहिये, नहीं तो झगड़ा या बीमारी घर कर सकती है।

घर में विंड चाइंम्स जरूर लगानी चाहिये। घर में अगर अगर नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश कर भी चुकी है तो विंड चाइंम्स से उत्पन्न होने वाली ध्वनि की तरंगे नकारात्म्क ऊर्जा की तरंगों को छितरा देती हैं और उसका प्रभाव कम कर देती हैं। साथ ही उसमें से निकलने वाली मनमोहक ध्वनि घर में सकारात्मक ऊर्जा को संरक्ष‍ित करती है।

नकारात्म्क ऊर्जा ऊर्जा को दूर भगाने के लिये एक कांच के गिलास में पानी लें और उसमें एक नींबू डाल दें। इस पानी को हर शनिवार नियमपूर्वक बदलें। यह गिलास घर में सुविधानुसार कहीं भी रख सकते हैं।

यदि आप अपने घर के कोनों में चार कटोरियों में नमक भर कर रख देते हैं, तो नमक सभी नकारात्मक ऊर्जा को अवशोष‍ित कर लेगा। और घर में हमेशा सकारात्मक ऊर्जा का वास रहेगा।


घर में साल में कम से कम दो या तीन बार नवग्रह पूजन के साथ मनचाहा पूजन करवायें और साथ में हवन जरूर करवायें। इससे घर का वास्तु दोष दूर होता है।

घर में चील, उल्लू, जंगली मांसाहारी जानवर, जंग, दुर्घटना, आदि की तस्वीरें फ्रेम करवाकर नहीं लगवानी चाहिये। इससे घर में परेशानियां आती हैं। अगर घर में ऐसी तस्वीरें हैं, तो उन्हें तुरंत बाहर करें।

बहुत लोग अपने मकान या फ्लैट के मुख्य द्वार के सामने की जगह पर जूते की रैग, साइकिल, वाहन, आदि रख देते हैं। ऐसा करने से घर में प्रवेश करने वाली सकारात्मक ऊर्जा नकारात्मक बन जाती है।

घर के मुख्य द्वार के बाहर एक बल्ब या ट्यूबलाइट जरूर लगानी चाहिये, शाम होते ही उसे ऑन कर देना चाहिये। ऐसा करने से रात के वक्त नकारातमक ऊर्जा घर में प्रवेश नहीं करती है।

घर के मुख्य द्वार पर धार्मक प्रतीक व चिन्ह लगायें, जैसे कि स्वास्त‍िक, ऊँ, आदि।

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