Wednesday, 17 February 2016

नया घर बनवाते या खरीदते समय रखें ये सावधानियां


घर बनाना हो या बड़ी सी इमारत, सबसे पहली जरूरत जमीन की ही होती है। जमीन खरीदने से पहले कई तरह के सवाल आते हैं? जैसे कि क्या यह जमीन अच्छी साबित होगी या नहीं?इस उलझन से निपटने के लिए कई लोग तो वास्तु विशेषज्ञ की राय ले लेते हैं, वास्तु में पुराने तरीकों की मदद से आप स्वयं यह पता लगा सकते हैं कि वह जगह आपके लिए लाभकारी रहेगी या नहीं?


सावधानियां

  • किसी असफल व्यक्ति का मकान न खरीदें।
  • सबसे ऊपर की मंजिल का फ्लैट कभी न खरीदें।
  • घर में सूर्य का प्रकाश व प्राकृतिक हवा अवश्य आनी चाहिए।
  • घर के मुख्य द्वार को सड़क से थोड़ा हटकर बनवाना चाहिए।
  • (V) आकार का मकान भी नहीं खरीदना चाहिए। ऐसा मकान हमेशा रोगों का कारण होता है।
  • आड़ा-तिरछा, बेतरतीब, अनेक कोनों वाला मकान कभी नहीं खरीदना चाहिए।
  • मकान के मुख्य द्वार पर अष्टकोणीय दर्पण( बगुआ) अवश्य लगाएं।
  • यदि मकान (T) जंक्शन पर हो तो नकारात्मक शक्तियां जरूर काम करेंगी। यहां कभी भी कोई दुर्घटना हो सकती है। इस तरह की स्थिति से बचें।
  • नया घर बनवाते या खरीदते समय हमें कई बातों का ध्यान रखना चाहिए। ये बातें वास्तु और फेंग-शुई के आधार पर होना चाहिए।
  • ऐसा न होने पर आपके पारिवारिक जीवन, स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव भी पड़ सकता है। इन उपायों को आजमाकर अपनी जिंदगी को खुशनुमा बनाया जा सकता है।
  • यदि घर में दो दरवाजे हों, तो दोनों को एक साथ नहीं खोलना चाहिए।
  • कारावास, अस्पताल, गिरजाघर व श्मशान के आसपास का मकान नहीं खरीदना चाहिए।
  • घर के बाहर छोटी बाउण्ड्री वॉल अवश्य बनवाएं। यदि हो सके तो हरी झाड़ियों की बाउण्ड्री वॉल जरूर बनवाएं। ऐसा करने पर नकारात्मक शक्तियां सीधे घर में प्रवेश नहीं करती हैं।
  • जमीन पर मकान बन जाने पर सूरज की किरणें घर में सीधे प्रवेश करें और रोज सुबह आपको उगते हुए सूरज के दर्शन हो सकें।
  • जहां जमीन खरीद रहे हैं। वहां दक्षिण-पश्चिम कोने की तरफ से ऊंची होनी चाहिए और उत्तर-पूर्व की तरफ से नीची। इसी तरह दक्षिण-पूर्व कोना दक्षिण-पश्चिम से नीचा हो, लेकिन यह उत्तर-पूर्व से ऊंचाई पर हो।
  • जमीन की जांच करने के लिए, जमीन में 2 फीट गहरा और चौड़ा गड्ढा खोदें। अब उसे उसी मिट्टी से भरें, जो गड्ढा खोदते वक्त आपने बाहर निकाली थी। अगर वह मिट्टी गड्ढा भर जाने के बाद भी बच जाती है, तो समझिए कि वह जगह आपके लिए लाभ के बहुत अवसर लेकर आएगी।
  • अगर गड्ढा भर जाने के बाद मिट्टी न बचे, तो इसका मतलब यह होगा, न लाभ और न ही हानि। अगर गड्ढा न भरे और मिट्टी कम पड़ जाए, तो इसका मतलब यह है कि उस जगह पर आपको हानि होगी।
  • जमीन के शुभ-अशुभ होने की जांच पानी से भी की जा सकती है। 2 फीट गहरे और चौड़े गड्ढे को पानी से भरें। पानी भरने के बाद किसी दिशा में 400 कदम चलकर फिर वापस वहीं आएं। अगर आपके वापस आने तक पानी उतना ही है, तो वह जमीन आपके लिए बेस्ट है। अगर पानी थोड़ा-सा ही कम हुआ है तो अच्छा, लेकिन अगर पानी पूरी तरह खत्म हो चुका है, तो वह आपके लिए नुकसानदायक जमीन होगी।
  • जमीन को जोतकर देखें। अगर वहां हड्डी व बाल मिलते हैं, तो वह जगह आपके लिए हानि देने वाली होगी। अगर दीमक या कीटों की मात्रा भी ज्यादा है, तो वह जमीन भी नुकसान के सिवाय आपको कुछ और नहीं दे सकती।



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